नाम महाधन है अपनो..
नही दूसरी संपत्ति और कमानी
छोड अट्टारी अता जग के,
हम वो कुटिया ब्रज माही बनानी..
टूक मिलें रसिको के सदा,
और पीवन को यमुना जल पानी..
हमे औरन की परवाह नही,
अपनी ठकुरानी श्री राधिका रानी..
जय राधे राधे, जय राधे राध
नही दूसरी संपत्ति और कमानी
छोड अट्टारी अता जग के,
हम वो कुटिया ब्रज माही बनानी..
टूक मिलें रसिको के सदा,
और पीवन को यमुना जल पानी..
हमे औरन की परवाह नही,
अपनी ठकुरानी श्री राधिका रानी..
जय राधे राधे, जय राधे राध
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